जैसे-जैसे मौसम बदलता है, लोगों को स्किन से जुड़ी कई तरह की दिक्कत होने लगती हैं, जिसमें फंगल स्किन इन्फेक्शन जैसी दिक्कतें भी शामिल होती हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि फंगी हमारे वातावरण का एक प्राकृतिक हिस्सा है। और इनमें से बहुत सारे हमारी त्वचा पर बिना किसी नुकसान के टिके रहते हैं। आम तौर पर, हालाँकि जब कुछ ख़ास तरीके की फंगी का निर्माण काफी ज्यादा हो जाता है, या फिर छोटे-छोटे कट या फिर दरारों के माध्यम से त्वचा के अंदर चले जाते हैं, तो वह फंगल इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं। यह फंगल इन्फेक्शन त्वचा को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है।
इस तरह की स्थिति में अब सवाल यह उठता है, कि फंगल स्किन इन्फेक्शन क्या होती है और इसके प्रकार, कारण, लक्षण और उपचार के क्या विकल्प हो सकते हैं? दरअसल, फंगल स्किन इन्फेक्शन एक आम समस्या है, जो लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है और यह फंगी नाम के सूक्ष्म जीवों की वजह से होती है। यह समस्या ज़्यदातर स्किन, नाखून और बालों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। यह संक्रमण ज्यादातर गर्म और नमी वाले मौसम में पैदा होते हैं। दाद, एथलीट फुट और जांघों में खुजली फंगल स्किन इन्फेक्शन के आम प्रकारों में से एक होते हैं। इसके कारणों में, काफी ज्यादा पसीना आना और तंग कपड़ों को पहनना आदि शामिल होता है। इसके साथ ही इसके लक्षणों में, खुजली-दार, लाल या फिर पपड़ीदार धब्बे, मोटे या फिर भंगुर नाखून और त्वचा का फटना शामिल होता है, जिसका इलाज बाहरी एंटीफंगल दवाओं और मुंह से ली जाने वाली एंटीफंगल दवाओं के माध्यम से किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
फंगल त्वचा संक्रमण के सामान्य प्रकार
फंगल त्वचा संक्रमण के आम प्रकारों में निम्न -लिखित प्रकार शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- दाद
- एथलीट फुट
- जांघों में खुजली
- नाखूनों का फंगस
फंगल त्वचा संक्रमण के क्या कारण होते हैं?
आम तौर पर, अक्सर नमी और गर्मी की वजह से फंगल संक्रमण होते हैं, पर इसके लिए कई अन्य कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे कि
- काफी ज्यादा पसीना आना।
- तंग या फिर कम हवादार कपड़ों को पहनना।
- नहाने के बाद अपने शरीर को ठीक से न सुखाना।
फंगल त्वचा संक्रमण के क्या लक्षण हो सकते हैं?
दरअसल, इस समस्या के लक्षण संक्रमण के प्रकार और स्थान के आधार पर अलग -अलग हो सकते हैं, पर इसके कुछ आम लक्षणों में निम्न- लिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- रैशेज जो फैलते हैं और बिगड़ जाते हैं।
- त्वचा का फट जाना।
- त्वचा का छिलना या फिर त्वचा का रंग बदलना।
- जलन या फिर चुभन का अनुभव होना।
फंगल संक्रमण के उपचार के विकल्प
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि फंगल त्वचा संक्रमण का इलाज करना संभव है, पर इस तरह की स्थिति में, सही इलाज के तरीके का चुनाव करना संक्रमण के प्रकार, स्थान और समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है। दरअसल, इसके उपचार में, निम्न -लिखित इलाज शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- बाहरी फफूंद नाशक दवाएं
दरअसल, क्रीम, पाउडर या फिर मलहम के माध्यम से हल्के संक्रमणों का इलाज किया जा सकता है, जो बिना डॉक्टर के पर्चे के मिल सकती हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- क्लोट्रिमेज़ोल
- माइकोनाज़ोल
- टेर्बिनाफाइन
- केटोकोनाज़ोल
- मुंह से ली जाने वाली एंटीफंगल दवाएं
आम तौर पर, काफी ज्यादा गंभीर या फिर लगातार संक्रमणों के लिए, डॉक्टर निम्न- लिखित मुंह से ली जाने वाली एंटीफंगल दवाओं को लिख सकते हैं. जैसे कि
- फ्लुकोनाज़ोल
- इट्राकोनाजोल
- टेरबिनाफाइन (गोलियां)
निष्कर्ष: फंगल स्किन इन्फेक्शन एक आम समस्या है, जो कवक नाम के सूक्ष्म जीवों की वजह से होती है। फंगल इन्फेक्शन की वजह से खुजली, लालिमा, चकत्ते और त्वचा को नुकसान हो सकता है। इसके लक्षणों में, खुजलीदार, लाल या फिर पपड़ीदार धब्बे, मोटे या फिर भंगुर नाखून और त्वचा का फटना शामिल है। हालांकि, ये जानलेवा नहीं होते हैं, पर समय पर इलाज न मिलने पर ये लम्बे समय तक बनी रह सकती है, या फिर त्वचा पर फैल सकती है। इसलिए, समस्या का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है और इसका उपचार बाहरी एंटीफंगल दवाओं और मुंह से ली जाने वाली एंटीफंगल दवाओं के माध्यम से किया जा सकता है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है, जिस का आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही पूरी स्किन क्लिनिक में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।